Gulzar Poetry Dariya in Hindi & English with Meaning (English Translation) | गुलज़ार – दरिया
Hindi Kala presents Gulzar Poetry Dariya in Hindi & English with the poem’s Meaning (English Translation).

गुलज़ार की यह कविता स्मृति और प्रतीकात्मकता का एक बेहतरीन नमूना है। इसमें एक ऐसी लड़की का ज़िक्र है जिसने अत्यंत श्रद्धा के साथ “फूल और तुलसी” चढ़ाकर अपने प्रिय को वर के रूप में माँगा था। यह दृश्य भारतीय परिवेश की सादगी और प्रेम की पवित्रता को उजागर करता है। कविता का मुख्य भाव उस ‘अक्स’ या छवि को सहेजने के बारे में है, जिसे नायक ने अपने दिल की परतों में कहीं गहरा छुपा लिया है। यह एक मूक प्रेम और लंबे इंतज़ार की कहानी है, जो उम्मीद के एक धागे से टिकी हुई है। गुलज़ार की लेखनी यहाँ भी भावनाओं को दृश्य में बदलने का जादू करती है।
गुलज़ार की कविता दरिया
इतनी सी उम्मीद लिये–
शायद फिर से देख सके वह, इक दिन उस
लड़की का चेहरा,
जिसने फूल और तुलसी उसको पूज के अपना
वर माँगा था–
उस लड़की की सूरत उसने,
अक्स उतारा था जब से, तह में रख ली थी!!
Gulzar Hindi Poetry Dariya Meaning (English Translation)
Itni Si Ummeed Liye
Shayad Phir Se Dekh Sake Woh, Ik Din Us
Ladki Ka Chehra,
Jisne Phool Aur Tulsi Usko Pooj Ke Apna
Var Maanga Tha
(With just this tiny glimmer of hope–
That he might behold once again, one day,
The face of that girl,
Who had offered flowers and Tulsi in prayer
And sought him as her chosen groom)
Us Ladki Ki Surat Usne,
Aks Utaara Tha Jab Se, Tah Mein Rakh Li Thi!!
(Ever since he captured the silhouette of that girl’s face,
He has kept it hidden away in the deep layers of his heart!!)
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